धीरे से आकर हमारे दिल में

June 20, 2017
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खुदा से बस आपकी ख़ुशी मांगतें हैं,
दुआओं में आपकी हसीं मांगतें हैं,
सोचतें हैं आपसे क्या मांगे,
चलो आपसे उम्र भर की मोहब्बत मांगतें हैं।

न गुलफाम चाहिये, न कोई सलाम चाहिये,
मोहब्बत का बस कोई पैगाम चाहिये,
और जिसको पीकर उड़ जायें होश हमारे,
हमारे लफ्जो को तो ऐसा ज़ाम चाहिये।

जब किसी रात आपको किसी की याद सताए,
और ठंडी हवा आपके बालों को सहलाये,
तो अपनी आँखे बन्द करके सो जाना,
और चुपके से हम आपके ख्वाबो में आ जायें।

जाने कब आपसे प्यार का इज़हार होगा,
जाने कब आपको हमसे प्यार जोगा,
गुजर रही हैं आपकी ही याद में ये रातें,
जाने कब आपको भी हमारा इंतज़ार होगा।

फूल खिलतें हैं बहारों का समा होता है,
ऐसे मौसम में ही तो प्यार जमा होता है,
दिल की बातें होठों से नही कहते हैं,
ये फ़साना तो निगाहों से बयां होता है।

धीरे से आकर हमारे दिल में उतर जाते हो,
खुशबू की तरह मेरी सांसो में बिखर जाते हो,
अब तो तुम्हारे इश्क में ये हाल हो गया है,
सोतें जागते बस तुम ही तुम नजर आते हो।

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