दिल टूटा है संभलने मे कुछ

August 13, 2020
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रोते-रोते थककर जैसे कोई बच्चा सो जाता है
हाल हमारे दिल का अक्सर कुछ ऐसा ही हो जाता है।

ये जो हालात है, यकीनन एक दिन सुधर जाएंगे,
पर अफसोस के कुछ लोग दिल से उतर जाएंगे।

पास जब तक वो रहे दर्द थमा रहता है,
फैलता जाता है फिर आँख के काजल की तरह।

मोहब्बत ख़ूबसूरत होगी किसी और दुनिया में,
इधर तो हम पर जो गुज़री है हम ही जानते हैं।

ज़ख्म दे कर ना पूछ तू मेरे दर्द की शिद्दत,
दर्द तो फिर दर्द है कम क्या ज्यादा क्या।

लोग कहते है हर दर्द की एक हद होती है,
शायद उन्होंने मेरा हदों से गुजरना नहीं देखा।

कौन तोलेगा हीरों में अब तुम्हारे आंसू फ़राज़,
वो जो एक दर्द का ताजिर था दुकां छोड़ गया।

जितना बदल सकते थे बदल लिया खुद को..!
अब जिसको शिकायत हो वो अपना रास्ता बदल ले।

कितने अजीब है जमाने के लोग
खिलौना छोड़ कर जज्बातों से खेलते है।

अब मेरे हाल चाल नहीं पूछते हो तो क्या हुआ
कल एक एक से पूछोगे की उसे हुआ क्या था।

बदल जाते है वह लोग वक़्त की तरह,
जिन्हें हद से ज्यादा वक़्त दिया जाए।

दिल टूटा है संभलने मे कुछ वक़्त तो लगेगा साहब,
हर चीज इश्क़ तो नहीं, की एक पल में हो जाए।

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