तेरे साथ से संवर गई जिंदगी

May 25, 2017
224
Views

धड़कते हुए दिल का करार हो तुम,
सजी हुई महफिलों कि बहार हो तुम,
तरसती हुई निगाहों का इंतजार हो तुम,
मेरी जिंदगी का पहला और आखिरी प्यार हो तुम।

नजरे-करम मुझ पर इतना न कर,
कि तेरी मोहब्बत के लिए बागी हो जाऊं,
मुझे इतना न पीला इश्क़-ये-जाम की,
मैं इश्क़ के जहर का आदी हो जाऊं।

हस्ती तुम हो, खुशी मेरे दिल को होती है,
तकलीफ़ में तुम होती है, तो आँखें मेरी रोती है,
दूर तुम जाओ बेचैनी मुझे होती है,
कभी आजमा कर देखो मोहब्बत ऐसे होती हैं।

तेरे साथ से संवर गई जिंदगी हमारी,
हमारे लिए सबसे बढ़कर है खुशियाँ तुम्हारी,
और ना कोई तमन्ना है ना चाहत है,
बस तुम साथ रहो यह ख्वाहिश है हमारी।

आप खुद नहीं जानते आप कितने प्यारे हो,
जान हो हमारी पर जान से प्यारे हो आप,
दूरियों के होने से कोई फर्क नहीं पड़ता,
कल भी हमारे थे और आज भी हमारे हो।

मैं दिल हूँ और तुम साँसे हो मेरी,
मैं जिस्म हूँ और तुम जान हो मेरी,
मैं चाहत हूँ तुम इबादत हो मेरी,
मैं नशा हूँ और तुम आदत हो मेरी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *